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| 14,000 पुरुषों ने ‘Ladki Bahin Yojna’ के अंतर्गत उठाया लाभ, सरकार हैरान |
14,000 पुरुषों ने ‘Ladki Bahin Yojna’ के अंतर्गत उठाया लाभ, सरकार हैरान
मुंबई (महाराष्ट्र) – राज्य सरकार की महिलाओं के सशक्तिकरण के उद्देश्य से शुरू की गई ‘Ladki Bahin Yojna’ योजना में बड़ा घोटाला सामने आया है। हाल ही में सामने आई जानकारी के अनुसार, 14,000 से अधिक पुरुषों ने खुद को महिला बताकर इस योजना का लाभ ले लिया है, जिससे न केवल सरकार हैरान है, बल्कि समाज में भी बहस छिड़ गई है।
इस योजना का उद्देश्य राज्य की निर्धन वर्ग की लड़कियों और महिलाओं को वित्तीय सहायता देना था, जिससे वे शिक्षा, स्वास्थ्य और स्वावलंबन की दिशा में आगे बढ़ सकें। लेकिन डिजिटल पंजीकरण और दस्तावेज़ों की ढील ने इस योजना को धोखाधड़ी का शिकार बना दिया।
कैसे हुआ फर्जीवाड़ा?
सरकारी पोर्टल पर लिंग पहचान के प्रमाण की जांच पर्याप्त नहीं थी। इसी का फायदा उठाते हुए हजारों पुरुषों ने खुद को महिला बताकर आवेदन किया। कुछ मामलों में तो पुरुषों ने महिलाओं की साड़ी पहनकर फर्जी फोटो तक अपलोड कर दी। और इससे भी चौंकाने वाली बात यह रही कि कई आवेदन मंज़ूर भी हो गए और लाभ की राशि सीधे उनके खातों में पहुंच गई।
प्रशासन की प्रतिक्रिया
महाराष्ट्र समाज कल्याण विभाग ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच कमेटी गठित कर दी है। विभागीय सचिव का कहना है, “हमने सिस्टम को मजबूत करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। सभी लाभार्थियों की दोबारा पहचान जांच की जा रही है और जिन लोगों ने गलत जानकारी दी है, उनसे राशि वसूली जाएगी और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई होगी।”
सोशल मीडिया पर मज़ाक का विषय
यह मामला सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया है। एक तस्वीर जिसमें कुछ पुरुष पारंपरिक साड़ी पहनकर मुस्कुराते हुए दिख रहे हैं, वायरल हो गई है, जिस पर लिखा गया है:
“Over 14,000 men registered and claimed benefits under Ladki Bahin Yojna in Maharashtra 😲”
लोग इसे लेकर मीम्स और चुटकुले बना रहे हैं, वहीं कुछ लोगों ने इसे सरकारी निगरानी की विफलता बताया है।
सवाल उठ रहे हैं
विशेषज्ञों का मानना है कि यह घटना सरकार की योजनाओं के डिजिटलीकरण की कमजोरी को उजागर करती है।
क्या लाभार्थियों की पहचान बिना सख्त सत्यापन के होनी चाहिए?
क्या सरकार को लाभ लेने वालों के आधार, वोटर आईडी या अन्य प्रमाणपत्रों का सत्यापन नहीं करना चाहिए था?
निष्कर्ष
‘Ladki Bahin Yojna’ जैसी योजनाएं महिलाओं की मदद के लिए बनाई जाती हैं, लेकिन यदि इन्हें सही तरीके से लागू नहीं किया गया, तो ये मजाक का विषय बनकर रह जाएंगी। यह घटना एक चेतावनी है कि अब सरकारी तंत्र को और अधिक जवाबदेह और पारदर्शी बनाना आवश्यक है।
